शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

मन औऱ मौसम

फूल खिलते तो है,
पर मुरझाए से
तितलियां उड़ती तो हैं,
सुस्त सी,
धूप भी खिलती है,
पर मंद सी
बादल भी आते हैं,
पर शुष्क से।
सावन भी आया तो है,
पर  है सिर्फ बेचैनी सी।
क्या मौसम ही ऐसा है।
या दिल में हैं दर्द सी।

            पूनम 😐

शनिवार, 17 जुलाई 2021

बात ना बनी ।।

ज आओ ना जानम

बना लें बिगड़ी बात, 

करें बातें दिल खोकर।

दिन कितने हो गए

किए, एक वो बात,

जब होता था ना कोई राज

जाओ सनम ,
कर लें बातें मन भर।

हो जाएं एकाकार 

बस यही तो कहा था मैंने
जाने  क्या हुआ  ऐसा ,


बदल दिए उसने अपने अंदाज,
बं ना  हो पाई मेरी आंख 

हमेशा हमेशा के लिये 
छोड़ दिया मेरा साथ .....नींद ने ।।

         पूनम 😐

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।।बिना बुद्धि विषम विद्या।।, यूँ तो, यह कहावत बहुत पुरानी है। पर, मेरे दिमाग में बचपन से ही अंकित है क्योंकि मैं अपने दादाजी से अक्सर यह वा...