रिश्ता हमारा भी बेहद अनमोल था,
रखा था हमने एक दूजे का पूरा ख्याल ।
फर्क़ सिर्फ इतना था........
मेरे ख़यालों में सिर्फ और सिर्फ वो था ,
और उसके ख़यालों में, मैं ही ना थी।।
पूनम😬
रिश्ता हमारा भी बेहद अनमोल था,
रखा था हमने एक दूजे का पूरा ख्याल ।
फर्क़ सिर्फ इतना था........
मेरे ख़यालों में सिर्फ और सिर्फ वो था ,
और उसके ख़यालों में, मैं ही ना थी।।
पूनम😬
।।बिना बुद्धि विषम विद्या।।, यूँ तो, यह कहावत बहुत पुरानी है। पर, मेरे दिमाग में बचपन से ही अंकित है क्योंकि मैं अपने दादाजी से अक्सर यह वा...