जिंदगी के सफर में अकेले आये हैं,अकेले जायेंगे।।
फूल खिलते तो है, पर मुरझाए से । तितलियां उड़ती तो हैं, पर सुस्त सी।, धूप भी खिलती है, पर मंद सी । बादल भी आते हैं, पर शुष्क से। सावन भी आया तो है, पर है सिर्फ बेचैनी सी। क्या मौसम ही ऐसा है। या दिल में हैं दर्द सी।
पूनम 😐
।।बिना बुद्धि विषम विद्या।।, यूँ तो, यह कहावत बहुत पुरानी है। पर, मेरे दिमाग में बचपन से ही अंकित है क्योंकि मैं अपने दादाजी से अक्सर यह वा...
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