शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

जीवन की नैया !!

आओ चलें कही दूर,
जहां ना हो कोई पीर
बस मैं और तुम बांट ले ,
हर खुशी और गम।

दुनिया तो किसी की नहीं,
जैसे भी रहो सही
किसी को क्या लेना।
हमें तो बस हमदम
तेरा साथ पाना।
अश्कों के तेल में
कजरों की बाती बना, '
दिया' जलाना।।

आस लगाती ये
टिमटिमाती लौ,
प्यास बुझाते
ये अविरल अश्रुधार,
बन जाओ प्रिय तुम सूत्रधार।

आ जाओ पिया सोख लो अंसुअन को
पोंछ डालो कजरों को
डूबकी लगा लो इन नयनन में।
मत छोड़ो बीच मझधार ,
बने रहो खेवनहार।

लगा दो जीवन की नैया पार
बने रहो खेवनहार.....ओ मेरे प्यार।।
पूनम💕

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